Tuesday, August 2, 2011

Our God is in heaven

Psalm 115:3(Our God is in heaven)
                3 हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उसने जो चाहा वही किया है।
Ezr 5:11(We are the servants of the God of heaven and earth)
            11 और उन्होंने हमें योंउत्तर दिया, कि हम तो शकाश और पृय्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियोंके एक बड़े राजा ने बनाकर तैयार किया या, उसी को हम बना रहे हैं।
Ne1:4(Praying before the God of heaven)
                4 थे बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कहकर प्रार्यना करता रहा।
Psalm 103:19(The LORD has established his throne in heaven)
                19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psalm 136:26(Give thanks to the God of heaven)
                26 स्वर्ग के परमेश्वर का धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Mt 6:9(Our Father in heaven, hallowed be your name)
            9 सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए।

Monday, August 1, 2011

God turns rock into a pool, the hard rock into springs of water

Psalm 114:7,8(God turns rock into a pool, the hard rock into springs of water)
                7 हे पृथ्वी प्रभु के साम्हने, हां याकूब के परमेश्वर के साम्हने थरथरा।
8
वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है॥
 Ex 17:6(Moses did strike the rock, and water came out of it for the people to drink)
            6 देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे थे लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगोंके देखते वैसा ही किया।

Num 20:11(Moses raised his arm and struck the rock twice with his staff then the water gushed out)
            11 तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उस में से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपके पशुओं समेत पीने लगे।

Deut 8:15(God brought water out of hard rock)
            15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिथे चकमक की चट्ठान से जल निकाला,

Jug 15:19(God opened up the hollow place in Lehi, and water came out of it for Samson)
                19 तब परमेश्वर ने लही में ओखली सा गढ़हा कर दिया, और उस में से पानी निकलने लगा; और जब शिमशोन ने पीया, तब उसके जी में जी आया, और वह फिर ताजा दम हो गया। इस कारण उस सोते का नाम एनहक्कोरे रखा गया, वह आज के दिन तक लही में हैं।
1Cor 10:3,4(Israelites drank from the spiritual rock that accompanied them, and that rock was Christ)
                3 और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया।
4
और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उन के साथ-साथ चलती थी; और वह चट्टान मसीह था।