Psalm 118:8(It is better take refuge in the Lord)
8 यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
Psalm 2:12(Blessed are all who take refuge in him)
12 पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है॥ धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है॥
Psalm 5:11(let all who take refuge in God be glad, for He spread His protection over us)
11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
Psalm 9:9(The LORD is a refuge for the oppressed, a stronghold in times of trouble)
9 यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा।
Psalm 37:3(Trust in the LORD and do good; dwell in the land and enjoy safe pasture)
3 यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।
Psalm 40:4(Blessed is the one who trusts in the LORD)
4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो।
Isa 25:4(God has been a refuge for the poor, a refuge for the needy in their distress)
4 क्योंकि तू संकट में दीनोंके लिथे गढ़, और जब भयानक लोगोंका फोंका भीत पर बौछार के समान होता या, तब तू दरिद्रोंके लिथे उनकी शरण, और तपन में छाया का स्यान हुआ।
Isa 57:13(whoever takes refuge in God will inherit the land and possess His holy mountain)
13 जब तू दोहाई दे, तब जिन मूत्तिर्योंको तू ने जमा किया है वह ही तुझे छुड़ाएं ! वे तो सब की सब वायु से वरन एक ही फूंक से उड़ जाएंगी। परन्तु जो मेरी शरण लेगा वह देश का अधिक्कारनेी होगा, और मेरे पवित्र पर्वत को भी अधिक्कारनेी होगा।।
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