Saturday, August 13, 2011

Fulfilling our vows to the Lord

  
Psalm 116:14(we should fulfill our vows to the LORD)
            14 मैं यहोवा के लिये अपनी मन्नतें सभों की दृष्टि में प्रगट रूप में उसकी सारी प्रजा के साम्हने पूरी करूंगा।

Num 30:2(When a man makes a vow to the LORD, he must not break his word)
            2 कि जब कोई पुरूष यहोवा की मन्नत माने, वा अपके आप को वाचा से बान्धने के लिथे शपय खाए, तो वह अपना वचन टाले; जो कुछ उसके मुंह से निकला हो उसके अनुसार वह करे।

Psalm 66:13(we will fulfill our vows with offerings)
                13 मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा,
Deut 23:21-23(God expects us to fulfill our vows)
            21 जब तू अपके परमेश्वर यहोवा के लिथे मन्नत माने, तो उसके पूरी करने में विलम्ब करना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा उसे निश्चय तुझ से ले लेगा, और विलम्ब करने से तू पापी ठहरेगा।
22
परन्तु यदि तू मन्नत माने, तो तेरा कोई पाप नहीं।
23
जो कुछ तेरे मुंह से निकले उसके पूरा करने में चौकसी करना; तू अपके मुंह से वचन देकर अपक्की इच्छा से अपके परमेश्वर यहोवा की जैसी मन्नत माने, वैसा ही स्वतंत्रता पूर्वक उसे पूरा करना।

Job 22:27(we should fulfill our vows)
            27 और तू उस से प्रार्यना करेगा, और वह तेरी सुनेगा; और तू अपक्की मन्नतोंको पूरी करेगा।

Proverb 20:25(It is a trap considering on one’s vows)
            25 जो मनुष्य बिना विचारे किसी वस्तु को पवित्र ठहराए, और जो मन्नत मान कर पूछ पाछ करने लगे, वह फन्दे में फंसेगा।

Isa 19:21(when people know the Lord they will make vows to the Lord and keep them)
            21 तब यहोवा अपके आप को मिस्रियोंपर प्रगट करेगा; और मिस्री उस समय यहोवा को पहिचानेंगे और मेलबलि और अन्नबलि चढ़ाकर उसकी उपासना करेंगे, और यहोवा के लिथे मन्नत मानकर पूरी भी करेंगे।

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