Saturday, August 13, 2011

God has freed us from our chains

Psalm 116:16 (God has freed us from our chains)
                16 हे यहोवा, सुन, मैं तो तेरा दास हूं; मैं तेरा दास, और तेरी दासी का पुत्र हूं। तू ने मेरे बन्धन खोल दिए हैं।
Job 12:18(God takes off the shackles put on by kings)
                18 वह राजाओं का अधिक्कारने तोड़ देता है; और उनकी कमर पर बन्धन बन्धवाता है।
Psalm 107:14 (God broke away the chains of darkness)
                14 उसने उन को अन्धियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया; और उन के बन्धनों को तोड़ डाला।
Na 1:13 (God will break our yoke from our neck and tear our shackles away)
                13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतारकर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।।
Isa 5:27 (we will not grow tired or stumble)
                27 उन में कोई यका नहीं कोई ठोकर खाता है; कोई ऊंघने वा सोनेवाला नहीं, किसी का फेंटा नहीं खुला, और किसी के जूतोंका बन्धन नहीं टूटा;
Isa 40:23
                23 जो बड़े बड़े हाकिमोंको तुच्छ कर देता है, और पृय्वी के अधिक्कारनेियोंको शून्य के समान कर देता है।।

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